श्री कृष्ण मोहन मिश्र-संस्थापक और वाहक 'सुर संगम'

व्यक्ति परिचय

नाम - कृष्णमोहन मिश्र 


     कृष्णमोहन मिश्र

जन्मतिथि/जन्मस्थान - ७ दिसम्बर १९४८/ वाराणसी (उत्तर प्रदेश)

शिक्षा-दीक्षा एवं कार्य - वाराणसी, इलाहाबाद और दास नगर (हावड़ा)/ मेकेनिकल इंजीनियरिंग | प्राविधिक सिक्षा विभाग में अध्यापन तथा यहीं से २००९ में प्रशिक्षण अधिकारी के रूप में सेवानिवृत्त |

अभिरुचि - बचपन से नाटकों में अभिनय | वयस्क होने पर अभिनय के साथ-साथ निर्देशन भी किया | १९७२ में संगीत नाटक अकादमी से विधिवत रंगमंच प्रशिक्षण प्राप्त (प्रशिक्षक - बी.वी. कारन्त) |

संगीत का कोई भी व्यावहारिक प्रशिक्षण नहीं | सुन कर, पढ़ कर और किशोरावस्था में विख्यात संगीतविद ठाकुर जयदेव सिंह से सैद्धांतिक संगीत का कुछ ज्ञान मिला | १९७३ से प्रदर्शनकारी कला विषयक लेखन प्रारम्भ | १९८४ से १९९० तक लखनऊ के हिन्दी दैनिक 'अमृत प्रभात' में कला संवाददाता, १९९० से १९९६ तक "दैनिक जागरण' में कला संवाददाता, (यहीं संवाददाता से समीक्षक के रूप में पदोन्नत) तथा १९९६ से २००३ तक दैनिक 'हिंदुस्तान' में कला समीक्षक रहा | २००३ में एक बार फिर समीक्षक से संपादक पदोन्नत होकर राष्ट्रीय सांस्कृतिक संगठन 'संस्कार भारती' की मासिक पत्रिका 'कलाकुंज भारती' का संपादन | सम्प्रति एक समाचार एवं फीचर एजेंसी में संपादक |

मान-सम्मान - १९८६ में 'आकर्षण' संस्था का 'तूलिका सम्मान'

१९९७ में उत्तर प्रदेश कलाकार संघ का 'कला भारती' सम्मान

२००१ में उत्तर प्रदेश संगीत नाटक अकादमी द्वारा 'अकादमी पुरस्कार' तथा अन्य कई सम्मान |

कुछ सम्मानजनक दायित्व - वर्ष १९९४ - १९९६ - उ.प्र. संगीत नाटक अकादमी की कार्यकारिणी समिति का सदस्य |

वर्ष १९९६-९७ - उत्तर-मध्य सांस्कृतिक केंद्र (भारत सरकार) की परामर्शदात्री समिति के सदस्य |

वर्ष १९९७-९९ - राज्य ललित कला अकादमी में कार्यकारिणी समिति के सदस्य |

वर्ष २००४-२००६ - उस्ताद अलाउद्दीन खां संगीत कला अकादमी की कलाकार चयन समिति के सदस्य
आपका लिखा लेख 6 जुलाई 2011 को जनसत्ता, रायपुर संस्करण के नियमित स्तंभ ‘समांतर’ में प्रकाशित हुआ है.


25 नई सुरांगिनियाँ

ओल्ड इज़ गोल्ड श्रृंखला

ओल्ड इज़ गोल्ड श्रृंखला

ताज़ा पॉडकास्ट कवि सम्मेलन

रविवार विशेष